गुजरात CID का बड़ा खुलासा, 77 करोड़ की साइबर ठगी में 16 आरोपी गिरफ्तार
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गुजरात CID ने गोवा, वडोदरा और पालनपुर में संयुक्त छापेमारी कर 77 करोड़ की साइबर ठगी से जुड़े 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
ठगी की रकम को क्रिप्टो और डॉलर में बदलकर विदेश भेजा जाता था, जिससे जांच एजेंसियों के लिए ट्रैक करना बेहद मुश्किल हो जाता था।
गांधीनगर/ देश में बढ़ते साइबर अपराध के बीच गुजरात पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। Gujarat CID की साइबर क्राइम सेल ने गोवा से संचालित एक बड़े ठगी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस संगठित गिरोह ने देशभर में सैकड़ों लोगों को निशाना बनाकर करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दिया था। इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
गांधीनगर स्थित साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की अगुवाई में पुलिस ने गोवा, वडोदरा और पालनपुर में एक साथ छापेमारी की। इस संयुक्त ऑपरेशन में कुल 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और सुनियोजित तरीके से साइबर फ्रॉड कर रहा था।
जांच में सामने आया कि यह नेटवर्क 375 से अधिक साइबर ठगी के मामलों से जुड़ा हुआ है और अब तक करीब 77 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी कर चुका है। देश के विभिन्न राज्यों के लोगों को यह गिरोह अपने जाल में फंसाता था।
गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य सरगना जीतूभाई ठक्कर भी शामिल है, जो गोवा से पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहा था। इसके अलावा वडोदरा और पालनपुर से कई अहम ऑपरेटरों को भी पकड़ा गया है।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं। इसमें 15 लैपटॉप, 87 मोबाइल फोन, 126 सिम कार्ड, 15 डेबिट कार्ड, 2 राउटर और 4 खाली चेक शामिल हैं। इन उपकरणों का उपयोग साइबर ठगी को अंजाम देने में किया जाता था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह फर्जी कंपनियां बनाकर या लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर ‘म्यूल अकाउंट’ तैयार करता था। ठगी की रकम इन खातों में ट्रांसफर कर आगे उसे ट्रेस करना मुश्किल बना दिया जाता था।
इसके बाद यह रकम डॉलर या क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर विदेश भेज दी जाती थी, जिससे जांच एजेंसियों के लिए पैसे का पता लगाना और कठिन हो जाता था।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह नेटवर्क और भी बड़ा हो सकता है और आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और अन्य राज्यों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।